चैंपियंस ट्रॉफी में होगा आज चैंपियन और चोकर्स का मुकाबला


नई दिल्ली
इंग्लैंड के ओवल मैदान पर आज जब भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें मैदान पर उतरेंगी तो दोनों टीमों का बहुत कुछ दांव पर होगा। एक तरफ जहां भारतीय टीम चैंपियंस ट्रॉफी के अपने तमगे को बचाना चाहेगी वहीं दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीकी टीम दशकों से चले आ रहे ‘चोकर्स’ के दाग को मिटाना चाहेगी। दोनों टीमों का अपना पिछला मुकाबला हारने के कारण यह मुकाबला और भी रोचक हो गया है। अगर मौसम के कारक को छोड़ दिया जाए तो टूर्नामेंट में बने रहने के लिए दोनों टीमों को यह मुकाबला जीतना बहुत जरुरी है। यह एक ‘नाकआउट’ मुकाबला होगा, जिसे जितने वाली टीम सेमीफाइनल में और हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर होने के बाद दक्षिण अफ्रीका या भारत का भी बाहर होना एक और बड़ा उलटफेर होगा। क्योंकि भारत की टीम चैंपियंस ट्रॉफी की डिफेंडिंग चैंपियन है, वहीं दक्षिण अफ्रीका की टीम वर्तमान में ओडीआई में नंबर वन टीम है।
भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीम चैंपियंस ट्रॉफी में 3 बार एक दूसरे से भिड़ चुकी हैं, जिसमें तीनों बार टीम इंडिया ने ही बाजी मारी है। दिलचस्प बात ये है कि इन तीन मैचों में 2 मैच सेमीफाइनल या नाकआउट टाइप के थे और अफ्रीकी टीम दोनों मैचों में अपने नाम और स्वभाव के अनुरुप ही ‘चोक’ कर गई थी।
भारतीय टीम की बात की जाए तो पिछले घरेलू सीजन में लगातार जीत के साथ भारतीय टीम आत्मविश्वास से लबरेज होकर इंग्लैंड पहुंची थी। अभ्यास मैचों और पाकिस्तान के खिलाफ आसान जीत के बाद भारतीय टीम को कप का प्रबल दावेदार बताया जा रहा था। भारतीय टीम की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों शानदार फॉर्म में थी।
पर श्रीलंका के खिलाफ हार ने भारतीय टीम के अनेक खामियों को उजागर किया है। भारतीय ने बैटिंग में अच्छी शुरुआत करने के बाद 20-30 रन कम बनाए। भारतीय बल्लेबाज अच्छी फॉर्म में हैं पर उन्हें निरंतरता बनाई रखनी होगी। पाकिस्तान के खिलाफ मैन ऑफ दी मैच युवराज सिंह को लगातार अच्छा करना होगा। गौरतलब है कि युवराज सिंह पिछले मैच में एक अजीबोगरीब और खराब शॉट खेल के आउट हुए थे। फील्डिंग में भी भारतीय टीम ने कई आसान कैच टपकाये थे।
इस टूर्नामेंट की सबसे बेहतरीन गेंदबाजी क्रम मानी जा रही भारतीय टीम के गेंदबाजों को युवा श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने जमकर धुनाई की। उमेश यादव, रविंद्र जाडेजा और हार्दिक पांड्या काफी महंगे साबित हुए। पिछले मैच में अश्विन की कमी साफ खली थी और गुनातिलका और कुशल परेरा जैसे खब्बू बल्लेबाजों ने रविंद्र जाडेजा की जमकर बखिया उधेड़ी थी। इस मैच में भी दक्षिण अफ़्रीकी बैटिंग लाइन आप में तीन बाये हाथ के खब्बू बल्लेबाज है। भारतीय टीम प्रबंधन को 3 डी (डुमिनी, डेविड मिलर और डी कॉक) से पार पाने के लिए अश्विन का उतरना जरूरी है। हालांकि, साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे में अश्विन का रेकॉर्ड (6 वनडे में 5 विकेट, 5.14 की इकॉनमी) बहुत उत्साहजनक नहीं है।
वहीं दक्षिण अफ्रीका अभी वनडे क्रिकेट में दुनिया की नंबर 1 टीम है। जुलाई 2015 में बांग्लादेश से हारने के बाद इस टीम ने 9 वनडे सीरीज में से 7 में जीत दर्ज की है। इसमें एक बार भारत को भी हराया है। ओवल में मौसम की परिस्थितियां दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिहाज से ज्यादा अनुकूल हैं, जो उनके लिए प्लस पॉइंट होगा। टीम के गेंदबाज कैगिसो रबाडा, मोर्ने मर्केल और इमरान ताहिर शानदार फॉर्म में दिख रहे हैं। टीम की बल्लेबाजी भी डी कॉक और अमला के नेतृत्व में मजबूत नजर आ रही है। हालांकि अनुभवी बल्लेबाजों डी विलियर्स और डुमिनी का फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय है। पिछले कुछ दिनों से चोट से परेशान रहे एबी ने इस साल कोई बहुत बड़ी पारी नहीं खेली है। श्रीलंका के खिलाफ उनके बैट से 4 रन निकले जबकि पाकिस्तान ने उन्हें खाता तक नहीं खोलने दिया। वनडे करियर में पहली बार शून्य पर पविलियन लौटने वाले एबी डिविलियर्स से दक्षिण अफ्रीका को एक बड़ी पारी का इंतजार होगा।
अगर पिच और मौसम की बात करें तो उसी पिच पर मैच खेली जाएगी जिस पर भारत श्रीलंका का पिछ्ला मैच हुआ था। पिच एकदम सपाट दिख रहीं है जिसका मतलब होता है कि पिच बल्लेबाजी के मुफीद होगी और गेंदबाजों को कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं हैं। अब तक इस चैंपियंस ट्रॉफी में हुए कुल 10 मैचों में 6 में बारिश ने बाधा पहुचाई है, पर इस मैच में कोई भी बादली संकट नहीं रहेंगे।मौसम विभाग के अनुसार पहली पारी में आसमान में बादल छाए रहने की उम्मीद है जो दूसरी पारी तक धूप में बदल जाएगी। बादल होने के बावजूद बारिश कि कोई सम्भावना नहीं है यानी इंद्र देव के प्रकोप से मैच बचा रहेगा। हालांकि कई क्रिकेट प्रेमी बारिश की भी उम्मीद कर रहे हैं ताकि मैच धुल जाए और बेहतर रन रेट के आधार पर भारत सेमीफाइनल में पंहुच जाए। तापमान अधिकतम 20 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री तक रहेगा।
सारांश – भारतीय टीम चैंपियंस ट्रॉफी के अपने तमगे को बचाना चाहेगी वहीं दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीकी टीम दशकों से चले आ रहे ‘चोकर्स’ के दाग को मिटाना चाहेगी। दोनों टीमों का अपना पिछला मुकाबला हारने के कारण यह मुकाबला और भी रोचक हो गया है।


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