Political Love

पॉलिटिकल लव: प्यार का गठबंधन अपवित्र ना हो जाए


अब तुम मेरे हिसाब से नहीं चलते हो।
अरे चलता तो हूँ मेरी जान।
कहाँ रुकते हो तुम बेहिसाब बढ़े जा रहे हो।
अरे तो तुम क्यों कच्चे तेल की तरह रुक गई हो।
तो अब मैं भी पेट्रोल बन जाऊं क्या?
बन जाओ आजकल तो इसी के अच्छे दिन हैं।

तुम न मेरे निर्देश के बगैर कहीं गए न तो!
तो क्या करोगी बताओ?
मैं तुम्हें श्राप दे दूंगी।
अच्छा फिर मुझे पीलिया हो जाएगा क्या?
अरे ये यूपी वाला श्राप नहीं है बाबा।
अच्छा बताओ फिर क्या होगा ?
श्राप से तुम्हें दुबारा मुझसे प्यार हो जाएगा।
अच्छा ऐसा है तो ये वाला श्राप रोज दो।

यार हमारा गठबंधन चलेगा न?
क्यों किसी ने कुछ बोल दिया क्या हमारे गठबंधन पर?
अरे वो मेरे चाचा बोल रहे थे कि तुम दोनों का गठबंधन अपवित्र है।
तुम्हारे चाचा नागपुर से हैं क्या?
हां तुम्हें कैसे पता चला?
अरे वो नागपुर वालों को बस गोमूत्र ही पवित्र लगता है।

तुम भी आज कल बातों से नहीं मानते हो।
तो क्या फिर अब लातों से मनाओगी?
क्यों तुम भी मुझे रोकोगे क्या?
क्यों तुम विधायक हो गई हो क्या जो तुम्हें रोक नहीं सकते?
कैसे रोकोगे तुम भी अभी कोई एसपी नहीं बने हो।

यार तुम तो बोलते थे कुमार से नहीं बोलोगे!
अरे तो कुमार भी तो यही बोलता था न।
तो अब क्या हुआ दोनों मिल कर काम कर रहे हो ?
अरे कुछ नहीं अब हम दोनों दोस्त हो गए हैं।
चलो अच्छा है देखते हैं कितने दिन तक रहते हो दोस्त।

तुम न बहुत उल्टा सीधा बोलते हो।
तो क्या हुआ, कुछ तो करता हूँ।
देख लेना एक दिन मैं गुस्सा हो जाऊंगी।
तुम्हारा गुस्सा और तूफान कभी नहीं आने वाले।
लेकिन याद रखना जिस दिन आ गए न दोनों सब तबाह कर देंगे।
अरे मैं तो मज़ाक कर रहा था।
मैं भी बस चेतावनी दे रही थी।

तुम आज कल ऑफिस क्यों नहीं जाते ?
अरे बस थोड़ी तबीयत ठीक नहीं है।
अच्छा मुझे लगा तुम भी विष्णु जी के अवतार हो!
अरे मैं यूपी से हूँ और भगवान तो गुजरात में पैदा हुए है न!
वैसे सभी भगवान गुजरात में ही पैदा हो रहे हैं।
अच्छा भक्त कहाँ पैदा हो रहे हैं फिर ?
वो आईटी सेल में पैदा हो रहे हैं।

तुमने नया कुत्ता लिया है ना?
हां आज ही लाया हूँ।
तो इसका कोई नाम सोचा ?
नहीं अभी नहीं सोचा यार।
वैसे कहाँ से लाये हो इसको?
लाया तो गुजरात से हूँ।
फिर ठीक है बहुत वफादार निकलेगा ।

तुम कोई टेस्ट क्यों नहीं रखते हो ?
क्यों तुम्हारे प्यार के लिए कोई और बहुमत पेश कर रहा है क्या?
नहीं फिर भी बीच-बीच फ्लोर टेस्ट होने चाहिए न !
तुम कुछ ज्यादा ही कर्नाटक से प्रभावित हो रही हो।

तुम कुछ खरीदते क्यों नहीं हो ?
क्या खरीदे हम तुम ही बताओ ?
घोड़े खरीद लो आज कल ट्रेंड में है।
अरे अभी वो आर्ट नहीं आई मुझे।
तो कब लाओगे आर्ट जब मैं कर्नाटक से वापस आ जाऊंगी !
नहीं-नहीं मैं पढ़ रहा हूँ कुछ भगत की किताब।
खाली भगत की मत पढ़ो थोड़े दिन गुजरात भी चले जाओ।

तुम्हारे और मेरे प्यार में कुछ सही नहीं चल रहा?
वो तो तुम ठीक, लेकिन इसका जिम्मेदार कौन है ?
और कौन होगा वही 3 ग्रह हैं जिम्मेदार।
अच्छा वो वाराणसी वाले ग्रह यहाँ भी आ गए!
वो यहाँ ही नहीं जहाँ हादसा होता है वही पहुँच जाते है।

तुम क्या करने वाले हो बड़ा सोच रहे हो?
कुछ नहीं बस अपने प्यार को पैरो पर खड़ा की सोच रहा था।
तो इसको तुम प्राथमिकता देने वाले !
हां यार अब जो 2014 में मिला था अब थोड़ा उस से आगे बढ़ना चाहता हूँ।
देख लो कही प्यार भी प्राइवेट कंपनियों के हाथ में न चला !
अरे मैं प्यार को बैंक की तरह नहीं ट्रीट करने वाला डरो मत।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *