पॉलिटिकल लव: तुम मुझे तब भी प्यार करोगे न जब मेरी चोटी कट जाएगी?


जान! एक बात बताओगे?
हां! पूछो मेरी जान, इतनी डरी हुई क्यों हो?
तुम मुझे तब भी प्यार करोगे न जब मेरी चोटी नहीं होगी?
क्या तुम भी अफवाह से डर रही हो और मैंने तुम्हारे मन से प्यार किया है तन से नहीं ?
लव यू! वैसे चोटी कट जाये तो पार्लर नहीं जाना पड़ेगा काफी दिन से बॉय कट रखने का सोच रही हूं।
तुम भी न, हा हा हा।

अच्छा एक बात बताओ, तुम मेरा विरोध क्यों करती हो?
अरे! बस विरोध ही तो कर रही हूं, कौन सा पत्थर मार रही हूं?
अच्छा जी! तुम हमे राहुल समझ ली हो?
तुम भी तो मेरे विरोध को अलोकतांत्रिक समझ लिऐ हो।
समझ गया मेरी जान! प्यार में लोकतंत्र को जिंदा रखना है, तो विरोध को जिंदा रखना होगा।

अच्छा तुम मेरे साथ कब से बंधन में बंधने वाली हो ?
कौन से बंधन में, रक्षा बंधन में क्या? हा हा हा।
अरे मेरी जान! तुम्हे इसी बंधन में बंधने से ख़ुशी मिले बंध जाओ।
अरे बाबा! मैं तो मज़ाक कर रही थी।
तो मैं कौन सा सीरियस था ? हाहाहा

अरे एक बात सोच रही थी!
हां बोलो मेरी जान! क्या बात है ?
सोच रही थी की प्यार में भी सब पहले से क्लियर हो मजे आ जाये.
अरे बाबा हमारा प्यार कोई इलेक्शन थोड़ी न है कि जिसमे सब पहले पता हो.

तुम आज कल कुछ ज़्यादा भाव नहीं खाने लगे हो?
अरे बाबा! भाव नहीं प्याज खाने लगा हूं, तुम टमाटर की तरह लाल क्यों हो रही हो?
देख लो कही पता चले प्याज और टमाटर जैसे गरीबो से दूर हुए मैं तुमसे न हो जाऊं ?
अरे! ऐसे न बोलो मेरी जान मैं तो तुम्हारे लिए फ्री वाला धनिया हूं, जो सब्जी के साथ आएगा ही.

अच्छा एक जरूरी बात सुनो, आज फ़ोन पर बात नहीं हो पायेगी मैसेज पर बात करेंगे.
ठीक है, मैं मैसेज कार्ड डलवा लेता हूं.
लेकिन एक बात याद रखना, कोई अश्लील मैसेज मत भेजना कही कोई देख ले.
अरे मैं इमरान थोड़ी न हूं, जो ऐसे बोल रही हो.
अरे बाबा मुझे पता है तुम मेरे बाबू हो, सॉरी लव यू।

अच्छा सुनो ये बताओ कौन सा आचार पसंद है तुम्हें?
क्यों जी आज बाबा आचार पूछा जा रहा है, अचारी फ्लेवर लाने जा रहे हो क्या!
तुम भी न हरदम मस्ती करती रहती हो मैं घर के लिए आचार लेने जा रहा था।
अरे बाबा अब कोंडोम भी अचारी आ गया है, तो थोडा कन्फ्यूज्ड हो गई, हाहाहा
देख लो कही पीरियड में अचार को भी न छुओ तुम, मम्मी रोकती है न आचार छुने से.
ज्यादा मजे मत लो तुम, मैं ये सब नहीं मानती.

अच्छा मेरा खाना पैक कर दो.
क्यों आज हम बहार नहीं खायेगे क्या?
थोडा काम था सोचा लोकल डिब्बा पकड़ कर निकल जाऊं.
अरे तो साथ में चलते है न, तुम्हारे पॉलिटिकल लव में थोड़ी मदद कर दूंगी.
हां ये ठीक रहेगा, चलो चलते हैं..


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