पॉलिटिकल लव: चलो प्यार में कुछ राष्ट्रीय करते हैं


चलो प्यार में कुछ राष्ट्रीय करते हैं
हां सोच रहा हूँ प्यार में राष्ट्रीय भोजन ले आऊँ
लेकिन देखना खिचड़ी जैसा बोरिंग भोजन मत ले आना
तुम बीमार थोड़ी हो जो तुम्हें खिचड़ी खिलाऊँ

आज कल बड़े-बड़े फैसले लेने लगे हो, क्या बात है?
बस कुछ बदलाव का मन कर रहा था
चलो सही है देखना कोई जनहित याचिका ना दायर कर दे
ये प्यार की कोर्ट है, यहाँ प्यार के खिलाफ हर याचिका खारिज है
वैसे ही न जैसे सरकार में आधार के खिलाफ
हाहा, सही पकड़े है

प्यार के एग्जाम में पास होने के लिए क्या करोगे?
एग्जाम में पास तो होना ही है तो नकल कर लूंगा थोड़ी बस
नकल करना लेकिन मैं ब्लूटूथ से मदद नहीं करूंगी
हाहा, इतना भी नालायक नहीं हूँ प्यार में

आज कल मेरे घर वालों को बड़े पसंद आ रहे हो तुम
घर से निकल कर समाज में वापसी कर रहा हूँ ना
लगता है इलेक्शन के मूड में हो
तुम्हारे घर वाले भी सेलेक्शन मूड में आ जाएं
चिंता मत करो तुम्हीं जीतोगे निर्विरोध

अच्छा सुनो, अब हमें मिलने का वक़्त बदलना होगा
अरे तुम भी रेलवे की तरह उलूल जलूल फैसले लेती रहती हो
अरे बाबा चिंता मत करो मैं रेलवे की तरह तंग नहीं करूंगी
हां फिर ठीक है, लव यू जानू

तुम बड़े कांड करने लगे हो आज कल
अच्छा जी, क्या कांड करा मैंने
अरे कल तुमने चॉकलेट बोल कर टॉफी खिला दी थी न
अच्छा ये, मैं तो डर गया था कहीं कोई सीडी तो नहीं निकल गई
डरो मत हमने सीडी वाला कोई कांड नहीं करा है

हमें न प्यार को सही से लोगों तक ले जाना चाहिए
हां, सही बोल रही हो लोगों ने प्यार का नाम बदनाम कर रखा है
चलो हम प्यार की किताब में बदलाव करते हैं
वैसे ही समीक्षा करते हैं जैसे सउदी हदीस कर रहा है
सही बोला तुमने, फिर प्यार बदनाम नहीं होगा

चलो चलते हैं हिमाचल
अरे वहां की हवाओं में आज कल राजनीतिक गर्मी है
अरे फिर तो और अच्छा है, तुम अपने पॉलिटकल लव से हवा को ठंडा कर देना
ये भी सही है चलो फिर लोकल डिब्बा पकड़ते है


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *