पॉलिटिकल लव: सैंया रूठो मगर दुश्मन के दर न जाओ


तुम कोई फोटो क्यों नहीं खिंचवाते हो?
अरे हमें पसंद नहीं है ये सब।
अच्छा जी फिर फोटोग्राफी डे पर क्या डालोगे एफबी पर?
तुम्हारे कार्ड की फोटो डाल देंगे।
अच्छा जी, कुछ तो लोग कहेंगे!
बाबा, लोगों का काम है कहना।

तुम मुझे नाराज कर दिए हो।
अरे बाबा किस बात से नाराज हो तुम?
तुम मुझे कितना डांटते हो।
वो तो तुम्हारे भले के लिए करते है ना।
बस बस जाओ मुझे तुमसे बात नहीं करनी।
ठीक है जा रहा हूँ 600 होर्डिंग लेने।
अच्छा जी पुणेवालों से प्रेरणा ले रहे हो।

 

तुम मुझे कितना याद करोगे?
क्यों क्या हुआ तुम ठीक हो न?
अरे बाबा अभी तो ठीक हूँ लेकिन मौत की उम्र ही क्या?
मैं तुम्हें मीडिया से भी ज्यादा याद करूँगा।
अच्छा सब भुला दोगे मेरे पीछे।
हां, मैं तो केरल मौसा को भी भूल जाऊंगा।
देखते हैं क्योंकि तुमसे उम्मीद कम है हमें।
मीडिया से तो है ना?

 

चाय बना लो यार।
गैस नहीं है घर में कहा से बनाऊँ, बताओ?
नाली तो है ना घर जाओ वहाँ से बना लाओ।
एक काम करो खुद बना लो मुझसे बदबू में बैठा नहीं जाएगा।
अच्छा लाओ मैं ही बना लाता हूँ जाकर।
बन जाये तो खुद ही पीना, वैसे अपनी नाली देशद्रोही है।
अच्छा तभी सोचे इस पर चाय क्यों नहीं बन रही है।
जाओ कोई भक्त नाली खोजो और चाय बनाओ।

 

मैं जा रहा हूँ पार्टी छोड़ कर।
सर हम सब आपको बहुत प्यार करते हैं।
ये पीने के बाद तुम सर, सर क्यों करने लगती हो?
अब मत जाओ न छोड़ कर सर, बहुत प्यार करते हैं।
बस प्यार ही करते हो कहीं भेजने की बात होती है दूसरे को भेज देते हो।

तुम मेरे लिए कितना गिर सकते हो?
रुपए से भी ज्यादा गिर जाऊंगा।
बाप रे बाप तुम तो बहुत गिरे हुए निकले।
अच्छा लेकिन तुम संभाल लेना हमें।
चिंता मत करो मैं तुम्हें गिरने ही नहीं दूंगी।

 

क्या कर रहे हो?
ताज महल की किताब पढ़ रहा हूँ।
अरे लेकिन इसमें मुमताज की जगह मेरी फोटो है।
हां क्योंकि मेरे लिए तुम ही मुमताज हो।
मक्खन न लगाओ बताओ किताब कहां छपी है?
बंगाल से छप कर आई है किताब।
मिल्खा सिंह वाली गलती कर दिए ये लोग फिर।
क्यों तुम भी कभी मुमताज बनी थी क्या?
बनी थी का क्या मतलब है, मैं हूँ तुम्हारी मुमताज।

 

तुम दुश्मन के घर क्यों जा रहे हो?
अरे बाबा, अब कितने दिन दुश्मनी रखे।
वैसे तुम सही नहीं किए हो फूफा नाराज हैं तुम्हारे जाने से।
क्यों नाराज हो रहे पहले तो सब को भेजते थे दुश्मन के घर।
अरे वो तो दुश्मनी बढ़ाने के लिए भेजते थे।
अच्छा बर्थडे में दुश्मनी बढ़ा कर आए थे क्या दुश्मन के घर?


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