Political Love

पॉलिटिकल लव: तूफान के इंतजार में, ‘बेबी’ लुट गया प्यार में


तुम बहुत बोलते हो।
अरे कहाँ बोलता हूँ मैं!
बस करो ये बताओ तुम्हारा रिमोट किसके पास है?
तुम्हारे पास तो है बेबी।
अरे रिमोट में तो म्यूट बटन काम ही नहीं कर रहा।
वो तो मैंने रिमोट देने से पहले ही खराब कर दिया था।

तुम भी किसी चीज़ के दावेदार हो कि नहीं ?
मैं बस तुम्हारे पति पद का उम्मीदवार हूँ।
तो उसके लिए क्या कर रहे हो ?
अपनी पार्टी मजबूत कर रहा हूँ।
समझी नहीं मैं कुछ !
अरे बाबा सबको मना रहा जिससे 2019 में शादी हो सके।

तुम पर कौन सा भूत चढ़ा है?
मुझ पर प्यार का भूत सवार है।
अच्छा मुझे लगा तुम पर भी मुक्ति का भूत सवार है!
मुक्ति तो करनी है लेकिन बस मुश्किलों की।
हां इस मुक्ति में मैं भी तुम्हारा साथ दूंगी।

तुम इस बार फिर हार जाओगे।
इस बार मैंने तैयारी कर ली है नहीं हारूँगा।
देख लो कही हार के बाद कोई बहाना न बनाने लगो !
इस बार तुम सोचो हर के बहाने।
मैं क्यों सोचूं मेरे पास तो ईवीएम है।

तुम क्या कर रहे हो ?
अरे वो तूफान का इंतजार कर रहा हूँ।
इंतज़ार मत करो तूफान भैया मामा के घर गए है।
अरे तो बताना चाहिए न यहाँ सब 2 दिन की छुट्टी लेकर बैठे हैं उनके चक्कर में।
वैसे तुमसे कहा कौन था कि तूफान भइया आ रहे हैं?
मौसम विभाग वाली मौसी।
अरे वो तो कुछ भी बोलती हैं।

तुम मेरे खिलाफ गए ?
अरे तो अब याचिका वापस ले लिए।
ले लिए या डर गए क्योंकि 5 लोगों को क्या बोलते?
हां तो क्या करता मैं सब लोग तो तुम्हारी साइड ही हैं।
सब मेरे साइड नहीं सब ‘राइट’ साइड हैं।

तुम्हें प्यार करना नहीं आता।
अच्छा तो बताओ कहाँ से सीखे?
तुम कुत्तों से सीखो प्यार करना।
क्यों प्यार भी देशभक्ति है क्या ?
देशभक्ति से भी ज्यादा प्यार इम्पोर्टेन्ट है।
अच्छा फिर मैं जा रहा मुधोल कुत्तों के पास।
हां ये हुई न बात।

अरे तुम कहाँ हो?
यार ट्रैन में हूँ अभी तो।
अच्छा हां आज कल ट्रेन लेट चल रही है आज कल।
अरे तो कुछ करो जिस से मैं जल्दी पहुँच जाऊँ ?
मैं कुछ नहीं कर पाऊंगा अभी मैं संसद नहीं बन पाया हूँ।

अपने भविष्य का कुछ सोचा तुमने ?
सोचना क्या है पेड़ लगा रहा हूँ भविष्य के लिए।
अरे पेड़ से क्या होगा ?
अरे उसे काट कर पैसे मिलेंगे न !
अरे पेड़ के बड़े होने में तो काफी साल लग जाएंगे तब तक क्या करेंगे ?
ये बात तो साहब बताये नहीं थे।
अरे उन्हें पता होती तब बताते न।

हमारी शादी क्यों नहीं हो रही ?
नेहरू जी की वजह से।
अरे इसमें नेहरू का क्या रोल जी ?
अरे रोल तो कर्नाटक में भी नहीं था।

यार एक हग करो न।
अरे नहीं बाबा कोई देख लेगा तो ?
अरे देख लेगा तो क्या हुआ !
हुआ तो कुछ नहीं है बस डर लग रहा है।
चिंता मत करो हम कोलकाता में नहीं है।

तुम्हारा लोकल डिब्बा इतना टाइम पर कैसे है?
क्योंकि ये भारतीय रेलवे के अंडर नहीं है।
अच्छा ये इसके अंडर है जी?
ये प्यार अंडर में है।
अच्छा तभी यहाँ पर जो लव है वो भी पॉलिटिकल है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *